पुणे में केरल के आभूषण व्यापारी के अपहरण और लूट में पांच आरोपी गिरफ्तार

TARESH SINGH
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हाल ही में, कर्नाटका के मंगलुरु शहर में एक केरल निवासी आभूषण व्यापारी श्रीहरी के अपहरण और लूट की सनसनीखेज घटना सामने आई। इस मामले में पुणे पुलिस ने 18 अगस्त 2025 को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो इस अपराध में शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहाँ उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।


घटना का विवरण:

16 अगस्त 2025 को श्रीhari, जो केरल के एक प्रतिष्ठित आभूषण व्यापारी हैं, मंगलुरु सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से पहुंचे थे। वह कायराली होटल के पास ऑटो-रिक्शा का इंतजार कर रहे थे, तभी एक इनोवा कार में सवार एक गिरोह ने उन्हें कस्टम अधिकारी बताकर अपहरण कर लिया। गिरोह ने उन्हें उडुपी होते हुए कुमटा-सिरसी मार्ग पर ले जाकर 350 ग्राम सोने के आभूषण लूटे और फिर सिरसी के अंत्रवली गांव में उन्हें छोड़ दिया। श्रीhari ने बाद में मंगलुरु के पांडेश्वर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।


पुलिस की जांच और गिरफ्तारी:

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और पाया कि आरोपियों को श्रीhari की यात्रा के बारे में पूर्व जानकारी थी। इसके अलावा, अपहरण में इस्तेमाल की गई इनोवा कार की बीएच पंजीकरण संख्या संदिग्ध थी, जिससे पुलिस को अंदरूनी सूत्रों की संलिप्तता का संदेह हुआ।

सीसीबी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 अगस्त को पुणे में छापेमारी की और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और उनके बारे में विस्तृत जानकारी पुलिस द्वारा जांच के बाद सार्वजनिक की जाएगी।


आगे की कार्रवाई और जांच:

पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहाँ उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि आगे की पूछताछ से इस अपराध के पीछे के साजिशकर्ताओं और संभावित अंदरूनी सूत्रों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।


पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया:

मंगलुरु के डीसीपी (कानून और व्यवस्था) मिथुन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह गिरफ्तारी मामले में महत्वपूर्ण प्रगति है। उन्होंने कहा, “गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ से इस अपराध के पीछे की साजिश और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी मिल सकती है।”

डीसीपी (अपराध और यातायात) रवि शंकर, एसीपी प्रताप सिंह थोरात और एसीपी विजया कृष्णा भी इस प्रेस वार्ता में उपस्थित थे।


समाज में जागरूकता और सुरक्षा:

इस घटना ने व्यापारियों और आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापारियों को अपनी यात्रा और लेन-देन के बारे में सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए।


यह घटना यह दर्शाती है कि पुलिस की तत्परता और समन्वित प्रयासों से अपराधियों को पकड़ना संभव है। पुलिस की इस सफलता से यह संदेश जाता है कि अपराधियों के लिए कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं है और कानून की पकड़ से वे बच नहीं सकते।


 
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