Switzerland, Austria say would host ICC-wanted Putin for peace talks

TARESH SINGH
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स्थिति का परिचय

2025 की गर्मियों में, यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय प्रयास तेज हो गए हैं। इन प्रयासों का केंद्र बिंदु है: पुतिन और ज़ेलेंस्की के बीच सीधे शांति वार्ता का आयोजन। फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने प्रस्ताव रखा कि यह वार्ता यूरोप के किसी तटस्थ देश में होनी चाहिए — शायद स्विट्ज़रलैंड, विशेष रूप से जेनेवा में। इस प्रस्ताव को स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रिया दोनों ने खुले दिल से स्वीकार कर लिया है, भले ही पुतिन पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) का गिरफ्तारी वारंट हो।The GuardianReuters


2. ICC और पुतिन के खिलाफ कानूनी स्थिति

2.1 ICC की गिरफ्तारी वारंट की पृष्ठभूमि

  • 17 मार्च 2023 में ICC ने पुतिन और मारिया ल्वोवा-बेलोवा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, आरोप था कि उन्होंने यूक्रेनी बच्चों की अवैध जबरन निकासी (deportation) का आदेश दिया था। यह वारंट युद्ध अपराधों की श्रेणी में आता है।Wikipedia+1

  • ICC के सदस्य देशों को कानूनी रूप से बाध्य किया जाता है कि अगर वारंट प्राप्त व्यक्ति उनके क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उसे हिरासत में लिया जाए और अदालत में पेश किया जाए। स्विट्ज़रलैंड इस संधि का सदस्य है।Wikipedia+1

2.2 स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रिया की कानूनी चुनौतियाँ

  • स्विटज़रलैंड ने स्पष्ट किया है कि यदि पुतिन शांति वार्ता के लिए आता है, तो उसे ICC द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के तहत गिरफ्तार नहीं किया जाएगा—एक प्रकार की विशेष इम्युनिटी प्रदान की जा सकती है, बशर्ते यह यात्रा आधिकारिक शांति वार्ता के लिए हो, न कि निजी उद्देश्य से।ReutersInterfax-UkraineThe Kyiv Independent

  • स्विस विदेश मंत्री इग्नाज़ियो कासिस ने कहा कि “यह हमारी कूटनीतिक भूमिका के तहत आता है, जेनेवा यूरोपीय संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय होने के नाते”—इस स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए यह असामान्य लेकिन वैध व्यवस्था संभव है।ReutersThe Indian ExpressKOHA.net

  • ऑस्ट्रिया की चांसलर क्रिस्टियन स्टॉकर ने भी कहा कि अगर वार्ता उनके यहाँ आयोजित होती है, तो वे ICC से संपर्क करेंगे ताकि पुतिन की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने वियना को “संवाद की एक पुरानी परंपरा वाला शहर” बताते हुए चर्चा की मेज़बानी की पेशकश की।www.ndtv.comFirstpost


3. स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रिया: शांति वार्ता के लिए तैयार

3.1 स्विट्ज़रलैंड की भूमिका

  • स्विट्ज़रलैंड ने स्पष्ट किया कि यदि पुतिन शांति सम्मेलन के लिए जेनेवा आता है, तो उसे ICC की गिरफ्तारी वारंट से अस्थायी मुक्त‌ता दी जा सकती है। यह निर्णय कानूनी और कूटनीतिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।ReutersInterfax-UkraineThe Kyiv Independent

  • विदेशी मंत्री कासिस ने कहा, “यदि यह शांति सम्मेलन के लिए हो, तो हम उसे पनाह दे सकते हैं”—यहां तक कि उन्होंने “100% निष्पादन संभव है” तक कहा।The Kyiv IndependentSWI swissinfo.ch

  • जेनेवा की дипломатिक भूमिका को ध्यान में रखते हुए—यह यूरोपीय संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय है—स्विट्ज़रलैंड एक तटस्थ लेकिन महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर सकता है।ReutersThe Indian ExpressSWI swissinfo.ch

3.2 ऑस्ट्रिया की भूमिका

  • ऑस्ट्रिया ने वार्ता की मेज़बानी की पेशकश की और कहा कि वे ICC से संपर्क करेंगे ताकि पुतिन को सुरक्षित रूप से वार्ता में भाग लेने की अनुमति मिल सके।www.ndtv.comFirstpost

  • वियना की संस्थागत भूमिका—OSCE और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों का मुख्यालय—उन्हें एक भरोसेमंद प्लेटफ़ॉर्म बनाती है।Reuterswww.ndtv.com


4. राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक विमर्श

4.1 कूटनीतिक लाभ और नैतिक दुविधाएं

  • शांति वार्ता का किसी तथाकथित ‘वांछित व्यक्ति’ के साथ होना, जहाँ वह आरोपित है, अंतरराष्ट्रीय नियम-कानून और न्याय प्रणाली दोनों की परीक्षा है। यहाँ नैतिक दुविधा मुख्य मुद्दा है—क्या शांति के लिए इम्युनिटी की पेशकश न्याय व्यवस्था के साथ समझौता है?

  • स्विट्ज़रलैंड और ऑस्ट्रिया दोनों ने यह स्पष्ट किया है कि यह केवल शांति वार्ता के लिए है, निजी यात्रा के लिए नहीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह कदम विशुद्ध रूप से कूटनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है, न कि कानूनी उपेक्षा से।ReutersThe Indian ExpressThe Kyiv Independent

4.2 वैश्विक प्रतिक्रिया और पूर्वी यूरोप की स्थिति

  • फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने जेनेवा को बैठक स्थल के रूप में बढ़ावा दिया है—उनकी यह पहल यूरोपीय नेतृत्व की एक स्पष्ट अभिव्यक्ति है।The GuardianReutersFirstpost

  • सावधानीपूर्वक तैयारियों की आवश्यकता है—روسिया की प्रतिक्रिया, ज़ेलेंस्की की शर्तें, NATO या अन्य यूरोपीय साझेदारों की भूमिका जैसे तत्व चर्चा का हिस्सा होंगे।The GuardianPolitico


5. निष्कर्ष: शांति की खोज में विचार और आगे का रास्ता

5.1 समग्र सारांश

  • स्विट्ज़रलैंड ने कहा है कि वह पुतिन को ICC वारंट से अस्थायी रूप से मुक्त कर सकता है—लेकिन यह केवल तभी संभव है जब वह शांति वार्ता के लिए आए।

  • ऑस्ट्रिया ने भी वार्ता की मेज़बानी का समर्थन किया और ICC से वार्ता के लिए सुरक्षा की संभावना तलाशने का आश्वासन दिया।

  • दोनों देश अपनी तटस्थ कूटनीतिक-रोल और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ संबंधों के कारण इस भूमिका में उपयुक्त माने जाते हैं।

  • हालांकि, इस कदम से न्याय की भावना और ICC की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठ सकते हैं; लेकिन वास्तविक शांति स्थापित करना एक उच्च प्राथमिकता माना जा रहा है।

5.2 आगे की रणनीति

  • यदि वार्ता जेनेवा या वियना में होती है:

    • ICC को साथ में शामिल कर कानूनी ढांचा स्पष्ट करना होगा।

    • वार्ता के एजेंडा में ज़ेलेंस्की और पुतिन के बीच प्रत्यक्ष बातचीत, सीमा पारिश्रमिक, बंदियों की वापसी, क्षेत्रीय अखंडता जैसी मुद्दों पर ध्यान देना होगा।

    • यूरोपीय और अमेरिकी सुरक्षा गारंटी, NATO या नई सुरक्षा व्यवस्था का निर्माण, वार्ता के परिणामों में शामिल हो सकते हैं।

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